Location: Garhwa
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार के प्रधान सचिव मस्त राम मीणा की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC), विलेज वाटर एवं सेनिटेशन कमिटी (VWSC) का गठन, जल सहिया द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण, योजनाओं का जियो टैगिंग और अब तक छूटे हुए घरों को योजना से जोड़ने जैसे बिंदुओं की समीक्षा की गई।
प्रधान सचिव ने जिन प्रखंडों में कार्य लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो रहे हैं, वहां की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा में हर हाल में कार्य पूर्ण किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर कनीय अभियंताओं (JE) सहित जिम्मेदार पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
प्रधान सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए जल गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जल सहिया द्वारा किए जा रहे परीक्षण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और पानी के प्रत्येक श्रोत एवं वितरण प्रणाली से समय-समय पर जांच कर रिपोर्ट को पारदर्शी तरीके से अभिलेखित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंताओं को कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी गई। प्रधान सचिव ने कहा कि यदि मानकों एवं समयसीमा के अनुरूप कार्य में तेजी नहीं आई तो विभागीय स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने प्रधान सचिव मस्त राम मीणा, अभियान निदेशक रमेश घोलप एवं निदेशक मनोहर मरांडी को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अभियान निदेशक जल जीवन मिशन रमेश घोलप, उपायुक्त दिनेश कुमार यादव, स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक मनोहर मरांडी, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अधीक्षण अभियंता राजमोहन सिंह, कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता समेत विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।












