Location: पलामू
मेदिनीनगर।पाटन प्रखंड के कारिहार गांव निवासी संजय दुबे उर्फ बाबूलाल दुबे के पुत्र व डॉ सुशील पांडे का भगिना आयुष कुमार ने एमआरसीपी जैसी अत्यंत प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा परीक्षा उत्तीर्ण कर पलामू सहित पूरे झारखंड का नाम रौशन किया है।गौरतलब है कि एमआरसीपी विश्व विद्यालय की सबसे कठिन और सम्मानित मेडिकल परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। यह परीक्षा यूनाइटेड किंगडम में इंटरनल मेडिसिन एवं उससे जुड़ी विशेषज्ञताओं (जैसे कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी आदि) में आगे की विशेषज्ञ प्रशिक्षण स्पेशलिटी ट्रेनिंग के लिए अनिवार्य योग्यता है।एमआरसीपी को उत्तीर्ण करना इस बात का प्रमाण है कि चिकित्सक के पास उच्च स्तरीय क्लीनिकल कौशल, रोगी परीक्षण की दक्षता और गहन चिकित्सा ज्ञान है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।डॉ. आयुष भास्कर, संजय दूबे और नीलम दूबे के पुत्र हैं।चिकित्सा क्षेत्र से उनका पारिवारिक जुड़ाव भी रहा है; इनके मामा मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील पांडेय हैं।डॉ. आयुष का कहना है कि वे विदेश में कार्य अनुभव प्राप्त करने के बाद भविष्य में झारखंड लौटकर राज्य के लोगों को अपनी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं देना चाहते हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को उन्नत इलाज का लाभ मिल सके।












