Location: Garhwa
गढ़वा (प्रेस रिपोर्ट): उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में भूमि विवाद से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने जमीन पर जबरन कब्जा, अवैध बिक्री, निर्माण में बाधा और सरकारी योजना से वंचित रहने की शिकायतें दर्ज कराई।
खतियानी रैयत की भूमि पर कब्जा, फसल नष्ट
कांडी प्रखंड के सरकोनी निवासी राजेंद्र राम ने जनसुनवाई में बताया कि वे खतियानी रैयत हैं, लेकिन गांव के कुछ दबंगों द्वारा उनकी निजी भूमि पर जबरन कब्जा कर खेती-बाड़ी करने से रोका जा रहा है। राजेंद्र राम का कहना है कि उनकी लगी फसल भी नष्ट कर दी गई है। उन्होंने भूमि से जुड़े सभी आवश्यक कागजात उपायुक्त को सौंपे। इस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी, कांडी को जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया।
बिना जानकारी बेची गई भूमि, म्यूटेशन रुकवाने की मांग
सदर प्रखंड के तिलदाग निवासी वीरेंद्र साव ने आरोप लगाया कि उनके बड़े भाई ने उनके हिस्से की जमीन को बिना जानकारी के हैदर अली नामक व्यक्ति को बेच दिया है। अब खरीदार वीरेंद्र साव को जबरन उस जमीन से बेदखल कर रहा है। उन्होंने उपायुक्त से म्यूटेशन प्रक्रिया को रुकवाने और बिक्री रद्द करने की मांग की है। उपायुक्त ने मामले की जांच का जिम्मा एलआरडीसी को सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
20 साल पुराने खरीदी गई भूमि पर निर्माण कार्य में बाधा
सदर प्रखंड के संघत मोहल्ला निवासी लखन प्रसाद कश्यप ने बताया कि उन्होंने 20 साल पहले एक भूमि खरीदी थी, जिस पर उनका वैध दखल है। लेकिन अब जब वे उस पर निर्माण करना चाहते हैं, तो कुछ दबंग लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं और काम रोक रहे हैं। इस मामले में गढ़वा अंचल अधिकारी को जांच और उचित कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
जनता से सीधे संवाद, हर मंगलवार और शुक्रवार को होगी जनसुनवाई
जनसुनवाई में राशन, पेंशन, आवास, मुआवजा, रोजगार और योजनाओं के लाभ सहित कई अन्य विषयों से संबंधित आवेदन भी आए। उपायुक्त दिनेश यादव ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु हर सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।












