Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर: प्रखंड के जंगीपुर स्थित सत्संग उपासना केंद्र में शनिवार संध्या श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र जी के अनुयायियों द्वारा साप्ताहिक सत्संग का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, शंखध्वनि और वंदे पुरुषोत्तम ध्वनि के साथ हुई। इसके बाद सभी जीवों के मंगल की कामना के लिए सामूहिक नाम-जप, ध्यान, श्री हस्तलिखित सत्यानुसरण एवं नारीनीति ग्रंथ का पाठ किया गया।
संगीतांजलि कार्यक्रम में धृति सुंदरलाल, संगीत शिक्षक मुकेश सिन्हा, दीपमाला अंबष्ठ एवं अन्य सत्संगियों ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
इष्ट चर्चा के दौरान सत्संगी अखिलेश दा ने कहा कि श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र जी के बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के मंगल की कामना करता है, उसका अपना मंगल भी निश्चित होता है। उन्होंने सभी सत्संगियों से नियमित रूप से सत्संग की भावधारा से जुड़े रहने का आह्वान किया।
मुकेश सिन्हा ने कहा कि गुरु ही जीवात्मा को परमात्मा से मिलाने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ जीवन के लिए शाकाहारी भोजन अपनाने की सलाह दी। वहीं ऋत्विक विजय नंदन सिन्हा ने श्रीरामचरितमानस की चौपाई “जो जानें सो देहु जनाई” की व्याख्या करते हुए कहा कि सीखना और सिखाना दोनों ही सत्संग से विकसित होने वाली महत्वपूर्ण कलाएं हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा वीर वही है, जिसमें माता-पिता और गुरु के प्रति विश्वास, समर्पण एवं आत्मत्याग की भावना हो।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे ऋत्विक धृति सुंदरलाल ने कहा कि भगवान को जानने का अर्थ सभी जीवों को समझना और उनके प्रति प्रेम का भाव रखना है। उन्होंने कहा कि श्री श्री ठाकुर जी प्रेम, करुणा और मानव कल्याण के प्रतीक हैं तथा उनके संसर्ग से अनेक लोगों का जीवन सकारात्मक दिशा में परिवर्तित हुआ है।
सत्संग में बृजेश तिवारी, शक्ति दास सिन्हा, अजय दा, संजय दा, अजय कुमार, सुमन दा, आकाश कुमार, भोला प्रसाद, शंकर ठाकुर, हीरा प्रसाद, अरविंद कुमार, धृति दीप अंबष्ठ, रीना जायसवाल, अनीता देवी, प्रमिला देवी, वृंदा देवी, चंचल गुप्ता, कलावती देवी, दयामयी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सत्संगी उपस्थित रहे।












