Location: पलामू
चतरा गोलीबारी की घटना में दो व्यक्ति की घटनास्थल पर मौत,चार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल
मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक घायल व्यक्ति का किया गया इलाज
पुलिस चौकी के पुलिस पदाधिकारी व जवानों के देखरेख में कराया गया घायल का इलाज
मेदिनीनगर।चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र स्थित गेंदरा गांव में रविवार की देर रात नक्सलियों के दो गुटों के बीच खूनी झड़प हो गई।इस हिंसक झड़प में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एनआईए का आरोपी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।यह घटना रविवार रात करीब 12 से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। अचानक हुई फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई और लोग घरों में दुबक गए।पुलिस के अनुसार, लावालौंग निवासी धीरेन्द्र गंझू और चूरामन गंझू अपने समर्थकों के साथ गिरोह बनाकर कुंदा थाना क्षेत्र के गेंदरा गांव में श्याम गंझू के घर पर हमला करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी।जैसे ही हमलावरों ने हमला किया, दूसरे पक्ष ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से अंधाधुंध फायरिंग हुई, जिसमें हमलावर धीरेन्द्र गंझू और चूरामन गंझू को गोली लग गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।इस मुठभेड़ में दूसरे पक्ष से श्याम गंझू उर्फ श्याम भोक्ता, उनकी पत्नी और उनके साले गोपाल गंझू (लावालौंग निवासी) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद गोपाल गंझू को इलाज के लिए मेदिनीनगर मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं घटना की जानकारी मिलने पर अस्पताल पुलिस चौकी के पुलिस पदाधिकारी और पुलिस जवान महेंद्र कुमार और विकास कुमार अस्पताल पहुंचकर घायल का अपने देखरेख में इलाज करवाया।जहां इलाज के बाद भी चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सोमवार की सुबह करीब 6 बजे उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया है।चतरा पुलिस के अनुसार बताया गया कि यह घटना पूर्व नक्सलियों के बीच आपसी विवाद का परिणाम है। मारे गए धीरेन्द्र गंझू का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों पक्ष पूर्व में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी से जुड़े रहे हैं।घटना की सूचना मिलते ही कुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आधी रात को हुए इस खूनी संघर्ष की असल वजह क्या थी और इसमें और कौन-कौन शामिल था।












