Location: Garhwa
गढ़वा। मंगलवार को जिलेभर में तीज का पारंपरिक और धार्मिक उत्सव बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अखंड सुहाग, पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ भगवान शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा-अर्चना कर व्रत कथा सुनी।
नगर परिषद निवर्तमान अध्यक्ष पिंकी केशरी ने भी अपने आवास पर परिवार, बहू और मोहल्ले की महिलाओं के साथ इस पावन पर्व को मनाया। उन्होंने कहा कि तीज खासकर सुहागिन महिलाओं का त्यौहार माना जाता है, जिसमें पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास के रिश्ते को और मजबूत बनाने की परंपरा जुड़ी है।
सुबह से ही महिलाओं ने स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए और सोलह श्रृंगार कर मंदिरों और घर-आंगन में पूजा-अर्चना की। शिवलिंग व माता पार्वती की प्रतिमा को श्रृंगार सामग्री, बेलपत्र, दूर्वा, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित किया गया। इसके बाद महिलाएं व्रत कथा सुनकर आरती उतारीं और पति के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर पूरे नगर और ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक गीत-संगीत से माहौल आनंदमय बना रहा। महिलाओं ने मेहंदी रचाई और तीज की रस्मों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रेम, सौंदर्य, खुशहाली और पारिवारिक एकता का संदेश देता है। मान्यता है कि इसी दिन मां पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था।
पूरे जिले में तीज पर्व की रौनक देखते ही बन रही थी। महिलाएं भगवान से पति के दीर्घायु, संतान की मंगलकामना और घर-आंगन में सुख-शांति की प्रार्थना करती रहीं। तीज न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह परिवार और समाज में प्रेम व समरसता बनाए रखने का संदेश भी देता है।












