
सगमा/गढ़वा। धुरकी प्रखंड अंतर्गत खुटिया पंचायत सचिवालय स्थित चौराहे के मैदान में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस का भव्य आयोजन किया गया। अखिल भारतीय आदिवासी महासभा और गोंडवाना गोंड़ महासभा की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित इस समारोह में भारी जनसैलाब उमड़ा। यह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष की नई हुंकार थी।
सुबह से ही मैदान में आदिवासी परंपरा और संस्कृति की झलक बिखरी हुई थी। रंग-बिरंगे पारंपरिक पोशाकों में सजे युवाओं और महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोकनृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को उत्साह और जोश से भर दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के केंद्रीय सचिव सुनील मिंज और अति विशिष्ट अतिथि फिलिप कुजुर ने दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। इस मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश मिंज और जिला सचिव कमलेश कुमार सिंह गोंड़ भी मौजूद थे।
मुख्य अतिथि सुनील मिंज ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और विरासत को बचाना होगा। उन्होंने जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। जिला परिषद सदस्य कविता कुमारी और सुनीता कुमारी ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी महिलाएं भी समाज में अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं।
इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मण प्रसाद यादव, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष इसराईल खान, सामाजिक कार्यकर्ता अजय वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकेश गोंड़ ने की और सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुखिया प्रतिनिधि इस्लाम खान, इकराम खान, इकलाख अंसारी, देवेंद्र कुमार गोंड़, मनु गोंड़ सहित अनेक लोग शामिल हुए। आयोजन ने यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज आज भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है और अपने हक की आवाज बुलंद करने में सक्षम है।












