Location: Manjhiaon
मझिआंव (प्रतिनिधि): बरडीहा थाना क्षेत्र के आदर गांव निवासी एक दलित परिवार को एक वर्ष बाद भी न्याय नहीं मिल पाया है। उल्टे 26 जून 2025 को नामजद अभियुक्तों ने पुनः विवादित जमीन पर बलपूर्वक ट्रैक्टर लगाकर जुताई कर दी, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पीड़ित शंभू रजवार द्वारा थाना एवं अंचल कार्यालय को दिए गए आवेदन के अनुसार, उनके पूर्वजों को 1966 में भूदान योजना के तहत एक एकड़ 29 डिसमिल जमीन प्राप्त हुई थी। इस भूमि पर 2007 तक ऑफलाइन और 2021-22 तक ऑनलाइन रसीद कटी है। भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज पीड़ित परिवार के पास हैं।
शंभू रजवार ने बताया कि 6 जून 2024 को गांव के ही आसिफ अंसारी, गुड्डू अंसारी, ईशा अंसारी, इश्हाक अंसारी, मुर्तुजा अंसारी, अली अंसारी, हमाम अंसारी, मारूक अंसारी सहित 15-20 अज्ञात लोगों ने उस जमीन पर कब्जे की नीयत से जबरन ट्रैक्टर से जुताई कर दी थी। विरोध करने पर इन लोगों ने पीड़ित की गर्भवती पत्नी सहित 9 परिजनों की बेरहमी से पिटाई की थी। पीड़ित परिवार जिस झोपड़ी में रह रहा था, उसमें आग लगा दी गई थी। किसी तरह भागकर सभी ने जान बचाई।
इस घटना को लेकर शांति देवी (पीड़िता) के बयान पर बरडीहा थाना में प्राथमिकी संख्या 35/2024 के तहत SC/ST एक्ट और अन्य संगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। परंतु, पीड़ित परिवार का आरोप है कि एक साल बीत जाने के बावजूद भी न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और न ही कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई की गई।
वहीं 26 जून 2025 को फिर से अभियुक्तों ने ट्रैक्टर चलाकर जमीन की जुताई कर दी। पीड़ितों का कहना है कि इस दौरान वे धारदार हथियारों से लैस थे और धमकी दे रहे थे कि यदि इस जमीन पर दोबारा आने की कोशिश की गई तो हत्या कर दी जाएगी।
इस भय और असुरक्षा की स्थिति में पूरा परिवार डरा-सहमा हुआ है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से अविलंब कार्रवाई कर न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
इस संबंध में बरडीहा पुलिस इंस्पेक्टर सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की फाइल देखने के बाद जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं अंचल अधिकारी राकेश सहाय ने कहा कि शनिवार को दिए गए आवेदन की जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।












