Location: सगमा

गढ़वा जिला के सगमा प्रखंड अंतर्गत घघरी गांव स्थित धीरकार टोला आजादी के बाद से आज तक सड़क सुविधा से वंचित है। यहां के ग्रामीण आज भी मरीजों को डोली और खटोली के सहारे दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पगडंडी के रास्ते पूरी तरह कीचड़ में बदल जाते हैं।
बीते वर्ष बारिश के दौरान सड़क पूरी तरह टूट गई थी। कई बार अंचल कार्यालय में दौड़–धूप करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो टोला निवासी दीपक यादव ने अपने व्यक्तिगत खर्च पर लगभग 200 ट्रैक्टर मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से सड़क को चालू कराया। इससे ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और अंचल प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है।
ग्रामीण दीपक यादव, अशोक यादव और राजेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि बीते चार दशकों से वे सड़क निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन देते आ रहे हैं। लेकिन नेता हर बार सड़क निर्माण का आश्वासन देकर वोट तो ले जाते हैं, फिर दोबारा टोले की ओर मुड़कर नहीं देखते। अब तक केवल आश्वासन मिले, लेकिन सड़क निर्माण की दिशा में कोई वास्तविक पहल नहीं हुई।
धीरकार टोला में लगभग 300 की आबादी निवास करती है। बारिश के दिनों में स्कूल जाने वाले बच्चे पगडंडी के सहारे गिरते–पड़ते स्कूल पहुंचते हैं। वहीं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति या प्रसव पीड़ा से ग्रसित महिलाओं को आज भी खटोली से मुख्य सड़क तक ले जाया जाता है। कई बार रास्ते में ही मरीज दम तोड़ देते हैं।
ग्रामीणों ने वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव पर भी वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव के समय विधायक ने सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने का वादा किया था, लेकिन चुनाव जीतने के एक वर्ष बाद भी सड़क नहीं बन पाई है।
ग्रामीणों ने अपने प्रयास से सड़क को चालू कराने वाले दीपक यादव के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी सराहना करते हुए जनप्रतिनिधियों के प्रति तीव्र नाराजगी जताई है।












