Location: Garhwa
गढ़वा जिले के अन्नराज नावाडीह गांव स्थित अन्नराज डैम रविवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां 16 वर्षीय आयुष चौबे की डूबने से मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। आयुष, जो कक्षा 12 का छात्र था और शांतिनिवास स्कूल में पढ़ता था, अपने तीन दोस्तों के साथ डैम की सैर पर गया था।
खुशनुमा पल पलक झपकते ही मातम में बदल गया, जब चारों दोस्त डैम के बहाव वाले हिस्से में नहाने लगे। पानी में छलांग लगाने के बाद आयुष ऊपर नहीं आ सका। यह देख उसका साथी रूपरंजन मिश्रा उसे बचाने कूद पड़ा, लेकिन मछुआरों और गोताखोरों ने किसी तरह रूपरंजन को तो बचा लिया, पर आयुष पानी की गहराइयों में समा गया। बाकी दो दोस्त घटनास्थल से भाग निकले।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बृज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डैम किनारे आयुष की नारंगी टी-शर्ट और ग्रे लोअर पड़ी मिलीं। पिता Anand . चौबे का दिल टूट चुका था। उनकी आंखों में आंसू और आवाज में भर्राहट थी—“उसे तैरना नहीं आता था, लेकिन दोस्तों के साथ जोश में कूद गया होगा… वह मेरा इकलौता बेटा था… कल ही बहनों से राखी बंधवाई थी…
स्थानीय गोताखोरों ने घंटों मशक्कत की, लेकिन आयुष का कोई पता नहीं चला। शाम तक SDRF टीम को बुलाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी बीच युवा समाजसेवी दौलत सोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की मांग की और प्रशासन से गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी पट्ट व बैरिकेडिंग लगाने, बरसात के दिनों में सुरक्षा गार्ड की तैनाती जैसे सुरक्षा उपाय करने की अपील की।
दौलत सोनी ने आयुष के दोस्त से घटना का विवरण लिया और वार्ड 11 सहीजना स्थित उसके घर जाकर शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात की। सांत्वना देते हुए उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया। घर में सन्नाटा पसरा था, सिर्फ रोने की आवाजें गूंज रही थीं।
लगातार 24 घंटे की खोजबीन के बाद आज सुबह 11:30 बजे स्थानीय गोताखोरों ने डैम से आयुष का शव बाहर निकाला। उसे पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल ले जाया गया। गांव, मोहल्ला, और स्कूल के हर चेहरे पर मायूसी छाई है। लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं—“कितनी और जिंदगियां जाएंगी, तब जाकर सुरक्षा इंतजाम होंगे?”
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे इलाके का जख्म बन गया है, जो लंबे समय तक याद रहेगा।












